सुमति भारव्दाज

24-10-21

सुपर फूड-अवॉकाडो

विदेशी फल अवॉकाडो विश्वभर में अपने स्वाद व पौष्टिकता के कारण काफी लोकप्रिय है।अवॉकाडो से मैक्सिकन ग्वॉकामोल व बरीटोज़ बनाने की विधि जानने के लिए पढ़िए यह लेख....।

Avocado
June 23, 2021
स्वाद और पौष्टिकता से भरपूर अवॉकाडो नाशपती की तरह दिखने वाला एक विदेशी फल है।जिसकी बाहरी त्वचा हरी, भूरी, जामनी या काले रंग की होने के साथ मगरमच्छ की चमड़ी जैसी सख्त व खुरदरी दिखती है इस कारण इसे विदेशों में "एलीगेटर पियर्स" के नाम से भी जाना जाता है। पके हुए फल के पीले- हरे गूदे का स्वाद फीका मलाईदार होने के साथ मक्खन की तरह मुलायम व स्वादिष्ट भी होता है इस वजह से इसे "बटर फ्रूट" के नाम से भी जाना जाता है। वानस्पतिक रूप से अवॉकाडो बैरी प्रजाति का फल है, जिसके अंदर एक बड़ा गोल बीज पाया जाता है जिसे पिट या स्टोन कहते हैं। अवॉकाडो मूलरूप से दक्षिण मध्य मैक्सिको का फल है, परंतु अपने स्वाद पौष्टिक व औषधिय गुणों के कारण यह दुनियाभर में न केवल पसंद ही किया जाता है, बल्कि सलाद, स्मूदी, डिप, बरिटोज़, ग्वॉकामोल, चटनी, जूस व सॉस के साथ-साथ बेबी फूड व सौंदर्य प्रसाधनों में भी इसका भरपूर व्यवसायिक उपयोग किया जाता है। लगभग 20 तरह के विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर इस फल की गिनती विश्व के चुनिंदा लोकप्रिय फलों में होने के साथ-साथ इसे सुपर फूड्स में भी शमिल किया गया है। हमारे देश में इस फल की खेती केवल दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में हाल ही में की जाने लगी है इस कारण यह फल प्रति नग के हिसाब से काफी महंगा मिलता है। एक तो फल विदेशी!! उपर से महंगा!! व इसके साथ ही इसके उपयोग स्वाद व गुणों से अनजान होने के काऱण हमारे देश में लोग इसका सेवन बहुत कम करते हैं। परंतु एक स्वादिष्ट, बेहतरीन व लाभदायक फल के सेवन से यदि शरीर को असंख्य फायदे मिलते हों तो महंगी दवाइयां खाने से महंगे फलों का यदा-कदा सेवन ज्यादा बेहतर है। जहां तक इस फल के उपयोग व फायदों को जानने का सवाल है यह लेख आपको अवॉकाडो से सम्बंधित हर तरह की जानकारी उपलब्ध कराएगा। अवॉकाडो एक स्वादिष्ट फल अवॉकाडो पेड़ों पर लगने वाला एक सदाबाहर फल है जिसका स्वाद फीका हल्का, खट्टा-मीठा व मक्खन की तरह मुलायम होता है। इसके फलों को आकार में बड़ा होने पर कच्चा ही तोड़ कर बेचा जाता है। ताजे फल पत्थर की तरह सख्त होते हैं जब फल हल्के हाथों से दबाने पर दबने लगे तो मान लिजिए वह पक चुका है। यह फल दो से चार दिन में सामान्य तापमान पर स्वतः ही पक जाते हैं। इन्हें पकाने के लिए किसी रसायन की आवश्यकता नहीं होती। स्वाद में मलाईदार व निगलने तथा पचाने में आसान होने के कारण यह फल विदेशों में छोटे बच्चों व बुजुर्गों को बहुत भाता है। इसलिए घरेलू तौर पर तो इससे कई स्वादिष्ट व्यंजन तैयार होते ही हैं व्यवसायिक तौर पर भी अवॉकाडो से बने कई तरह के फूड्स व बेबी फूड्स मिलते हैं। पौष्टिक तत्वों से भरपूर अवॉकाडो अवॉकाडो लगभग 20 प्रकार के विटामिन्स और मिनरल्स से समृध्द ऐसा फल है जिसमें शुगर की मात्रा काफी कम होती है परंतु फाइबर व ऊर्जा की मात्रा भरपूर होती है। विटामिन-ए, विटामिन-ई,विटामिन-सी, विटामिन-बी-5 और बी-6, पौटेशियम,फॉलेट के अलावा कैल्शियम, आयरन, जिंक, मैग्निज़, फॉस्फॉरेस,कॉपर व एंटी-ऑक्सिडेंट से भी यह फल भरपूर होता है। इसलिए शरीर में हर तरह की विटामिन व खनिजों की कमी को नियंत्रित कर हर प्रकार का स्वास्थय लाभ प्रदान करने में सक्षम होने की वजह से ही इस फल को न केवल सुपर फूड्स में ही शामिल किया गया है बल्कि इसे अपने आप में एक संपूर्ण आहार का दर्जा भी दिया गया है। प्रत्येक फल में पाए जाने वाले कार्बस चू्ंकि अधिकतर फाईबर युक्त होते हैं इसलिए इसे लो-कार्ब फ्रैंडली प्लांट फूड भी कहां जाता है। अवॉकाडो के फायदे 1. अत्याधिक फाईबर युक्त होने की वजह से यह पाचन तंत्र से जुड़ी कई समस्याओं में लाभकारी है जैसे- अपच, भूख न लगना व कब्ज़ इत्यादि। इसके अलावा इसके समृध्द फाईबर तत्व वजन कम करने में भी सहायक होते है। 2. अवॉकाडो में उच्च मात्रा में पाए जाने वाले कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन-डी व एंटी-इन्फ्लॉमेट्री तत्वों के साथ मोनो अन-सेचुरेटेड फैटी एसिड भी पाए जाते है जिससे हड्डियों को पौष्टिक तत्व व मजबूती तो मिलती ही है, इससे ऑर्थराइट्स या गठिया रोग की वजह से शरीर के जोड़ों में होने वाली सूजन, दर्द व अकड़न भी पैदा नहीं होती। 3. जिन लोगों का कॉलेस्ट्रॉल लेवल काफी बढ़ा हुआ है या हृदय से सम्बंधित कोई समस्या है उनके लिए अवॉकाडो का सेवन काफी फायदेमंद है क्योंकि इसमें सेचुरेटेड फैट की मात्रा कम होने के साथ-साथ कॉलेस्ट्रॉल व सोडियम की मात्रा बिल्कुल नहीं होती जिससे खराब कॉलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता। 4. पौटाशियम शरीर के लिए एक ऐसा पोषक तत्व है जो आसानी से भोज्य पदार्थों से प्राप्त नहीं होता। पके हुए केले खाने से पौटाशियम प्राप्त होता है परंतु अवॉकाडो में केलों की अपेक्षा पौटाशियम की मात्रा बहुत अधिक पाई जाती है जो ब्लड प्रैशर नियंत्रित करने में न केवल मदद ही करता है, बल्कि इससे हृदयघात व किडनी फेल हो जाने का रिस्क भी कम होता है। 5. अवॉकाडो न केवल दूसरे भोज्यपदार्थों से एंटी- ऑक्सिडेंट्स का अवशोषण बढ़ाने में मदद ही करते हैं बल्कि यह स्वयं भी एंटी- ऑक्सिडेंट्स से भरपूर होते हैं। कैरोटीनॉइडस ल्यूटिन और जि़क्सएन्थिन अवॉकाडो में पाए जाने वाले ऐसे ही एंटी- ऑक्सिडेंट्स हैं जो आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद होने के साथ-साथ उन्हें आंखों से सम्बंधित कई बीमारियों से भी बचाने में मदद करते हैं। 6. अवॉकाडो प्रोटीन, विटामिन-ए, विटामिन-ई और विटामिन-सी में समृध्द होने की वजह से त्वचा व बालों के सौंदर्य के लिए बहुत उपयोगी है। इसलिए आज अवॉकाडो रिच फेस क्रीमस, शैम्पू, हेयर ऑयल, सोप व कंडिशनर इत्यादि बाजार में बहुतायत में उपलब्ध हैं।जो व्यवसायिक तौर पर त्वचा व बालों से जुड़ी हर समस्या को दूर करने का दावा करते हैं। मगर इसे प्रतिदिन भोजन में शामिल करने से त्वचा व बालों को भरपूर पोषण भी मिलता है और उनसे सम्बंधित हर प्रकार के विकार भी दूर होते हैं। अवॉकाडो का उपयोग कैसे करें अवॉकाडो न केवल स्वास्थ के लिए ही लाभप्रद है, बल्कि यह स्वाद व पौष्टिकता से भरपूर होने के कारण प्रतिदिन के भोजन में कई स्वादिष्ट तरीके से शामिल किया जा सकता है। आप इन्हें प्रतिदिन सलाद में शामिल करने के अलावा इसके गूदे को सीधा भी चम्मच से निकाल कर साधारण रूप से खा सकते हैं। इसका मुलायम व मलाईदार रिच फैटी टेक्सचर व फीका स्वाद आसानी से अन्य भोज्य पदार्थों के साथ मिल जाता है इसलिए इससे कई तरह के स्वादिष्ट व्यंजन आसानी से बनाए जा सकते हैं। अवॉकाडो स्मूदी, डिप, सैंडविच टॉपिंग, बरिटोज़ व ग्वॉकामोल कुछ ऐसे स्वादिष्ट व्यंजन हैं जो इससे बनाए जा सकते हैं। इसके अलावा आसानी से निगले जा सकने व सुपाच्य होने के कारण यह 5 से 6 महीने के छोटे बच्चों के लिए भी अति उत्तम है। बच्चों को इसके पके हुए फल के टुकड़े काट कर खाने के लिए आसानी से दिए जा सकते हैं। इसके अलावा इन्हें मैश करके या प्यूरी बनाकर भी दिया जा सकता है। आइए जाने अवॉकाडो से स्वादिष्ट मैक्सिकन व्यंजन बरिटोज़ व ग्वॉकामोल कैसे बनायें। ग्वॉकामोल कैसे बनायें सामग्री 1. पके हुए अवॉकाडो-2 नग 2. बारीक कटा हुआ टमाटर- 1 3. बारीक कटा हुआ प्याज- 1 4. बारीक कटी हुई हरी मिर्च- 2 5. बारीक कटा हुआ लहसुन- 2-3 कलियां 6. बारीक कटा हुआ धनिया 7. नींबू का रस – 2 बड़े चम्मच 8. काली मिर्च और नमक- स्वादानुसार विधि पके हुए अवॉकाडो को बीच से आधा काट कर उसका बीज अलग करें और उसका गूदा चम्मच से निकालकर एक कांच के बाउल में फोर्क से अच्छी तरह मैश कर के स्मूद कर लें और सभी कटी हुई सामग्रियों को मिलाकर गूदे में अच्छी तरह एक सार कर लें। नमक, नींबू व काली मिर्च की मात्रा स्वाद के अनुसार आप घटा या बढ़ा भी सकते हैं। बनाने में अत्यंत साधारण मगर पौष्टिकता में अत्यंत स्वास्थयवर्धक व स्वादिष्ट यह डिश आप टॉर्टीला चिप्स या नाचोज़ के साथ सर्व करने के अलावा ब्रैड या सैंडविच पर लगाकर भी खा सकते हैं। बरिटोज़ कैसे बनायें सामग्री 1. मैक्सिकन टॉर्टीला, पीटा ब्रैड या घर पर बनाई हुई आटे व मैदे की रोटी - 3 से 4 2. प्याज लंबाई में बारीक कटा हुआ – 1 बड़ा 3. टमाटर बारीक कटा हुआ- 1 बड़ा 4. फ्राईड राइस- 1 बड़ी कटोरी 5. रेड बीन्स (राजमा) री- फ्राईड या कैन्ड – 1 कटोरी 6. बेल पेपर( शिमला मिर्च) हरी, लाल, पीली लंबाई में बारीक कटी हुई 7. लैटस लीव्स ( सलाद के पत्ते) - 1 बंच 8. अवॉकाडो लंबाई में कटा हुआ-2 या ग्वाकामोल 9. बारीक कटा धनिया 10. साल्सा सॉस 11. सॉर क्रीम 12. नमक व काली मिर्च स्वादानुसार विधि टॉर्टीला, पीटा ब्रैड या रोटी लेकर उसमें साल्सा सॉस लगाएं। एक बड़ा चम्मच फ्राईड राईस डालकर एक चम्मच रेड बीन्स डालें। प्याज, बेल पेपर, टमाटर, सलाद के पत्ते आदि मक्खन या ऑलिव ऑयल में हल्के सॉटे करके डालें। उसके उपर प्लेन कटा हुआ अवॉकाडो या ग्वाकामोल डालें। उसके उपर सॉर क्रीम डाल कर नमक व काली मिर्च स्वादनुसार बुरक दें व धनिया डालकर दोनों ओर से रैप करके रोल कर लें व बीच से काट कर सर्व करें।
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