सुमति भारव्दाज

18-01-22

विदेशी हरी पत्तेदार सब्जी है- "केल"

विदेशी हरे पत्तेदार सब्जी केल के बारे में जानने के लिए पढ़ें यह लेख-

Kale
December 09, 2021
हरी साग सब्जि़यों का सेवन शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए अति आवश्यक है क्योंकि इनमें फाइबर, आयरन, और विटामिन्स के साथ कई पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। सर्दियों के मौसम में हरी पत्तेदार देशी सब्जियां जैसे पालक, मेथी, बथुआ, सोआ, आसानी से मिल जाता है तो कई विदेशी हरी सब्जियां भी आज कल खूब मिलने लगी हैं। "केल" एक ऐसी ही हरी पत्तेदार विदेशी सब्जी है जो भारतीय बाजारों में भी आज कल देखने को मिल रही है मगर बहुत कम लोग इसके बारे में जानते होगें इसलिए आइए विस्तार से जानें हरी पत्तेदार सब्जी "केल" के बारे में। केल क्या है..? आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि आज से कुछ दशकों पहले केल के पत्तों का उपयोग विदेशों खास कर अमेरिका में फूलों के साथ साज-सजावट के लिए किया जाता था। मगर पहली बार जब इसका उपयोग सलाद के तौर पर खाने के लिए किया गया तो यह अमेरिका, चीन, स्पेन और मेक्सिको के लोगों के बीच सलाद, सूप, स्मूदी, चिप्स और फ्रिटर्स के रूप में एक मज़ेदार हरे पत्तों वाली सब्जी के रूप में इतनी प्रसिध्द हो गई कि आज इसे विदेशीयों की पसंदीदा हरी सब्जी वैसे ही कहा जाता है जैसे हमारे यहां पालक और सरसों को कहा जाता है। केल चूंकि गोभी परिवार से है इसलिए केल के पत्ते देखने में कुछ-कुछ ब्रॉकली व गोभी के पत्तों जैसे बड़े-बड़े होते हैं, मगर इनका रंग गहरा हरा या हल्का गुलाबी रेशे लिए गहरा बैंगनी होता है। यह दो प्रकार की होती है सामान्य, सीधे पत्तों वाली और घुमावदार या घुंघराले पत्तों वाली। दोनों ही तरह की केल के पत्ते चिकने, रेशेदार, मोटे डंठल के साथ होते हैं। सेहत के लिए गुणकारी है केल 01 हरी पत्तेदार सब्जियों की श्रेणी में आने वाली केल अपने स्वाद के साथ-साथ पोषक तत्वों से भरी ऐसी खाद्य सामग्री है जिसे यदि पौष्टिक गुणों की खान कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति न होगी। इसमें विटामिन-ए, के, सी, बी-12, बी-6, के अलावा विटामिन-सी, ई, कैल्शियम, आयरन, प्रोटीन, फाइबर के अलावा एंटी-ऑक्सीडेंट्स की इतनी भरमार होती है कि आप इसके नियमित सेवन से हर प्रकार से अपने शरीर को पोषण देकर स्वस्थ व रोग रहित बना सकते हैं। 1. फाइबर में समृध्द होने के कारण यह पाचनक्रिया को इतना दुरूस्त रखता है कि हठी से हठी कब्ज़ के लिए भी यह रामबाण की तरह काम करता है। इसलिए यदि डाइबिटिज़ रोग की वजह से पेट संबंधित परेशानियां या कब्ज़ की शिकायत हो तो यह न केवल आपकी पाचन से संबंधित समस्याएं ही दूर करेगा बल्कि इसके एंटी डाइबिटिक गुण डाइबिटिज में भी फायेदा पहुंचाऐगें। 02 2. केल में दूध की तुलना में कई गुणा अधिक कैल्शियम पाया जाता है जो बढ़ते हुए बच्चों की हड्डियों की ग्रोथ और एक स्वस्थ व्यक्ति की हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए बहुत आवश्यक है। कैल्शियम के साथ इसमें मौजूद विटामिन- के और विटामिन-डी, कमजोर व क्षरित तथा टूटी हुई हड्डियोें को भी ठीक करने में मदद करता है। इसमें पाए जाने वाली कैल्शियम की भरपूर मात्रा को देखते हुए ही यह विदेशों में "बेबी फूडज़" में काफी इस्तेमाल किया जाता है। 3. केल के गहरे हरे पत्तों में आयरन की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो एनीमिया से बचाने के साथ-साथ शरीर को जरूरी पोषण व ताकत भी देने में मदद करता है। 05 4. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए एंटी-ऑक्सीडेंट्स काफी मदद करते हैं केल एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसके सेवन से आप शरीर को स्वस्थ और संक्रमण से रहित बना सकते हैं। 5. केल में मौजूद भरपूर विटामिन्स, प्रोटीन्स, आयरन, फाइबर और एंटी-ऑक्सीडेंट्स जैसे महत्वपूर्ण तत्वों से न केवल त्वचा व बालों को ही पोषण मिलता है बल्कि इससे शारीरिक तनाव व थकान दूर करने में भी मदद मिलती है। कैसे करें केल का उपयोग केल चूंकि हमारे लिए बिल्कुल नया है इसलिए इसे खाने में कैसे इस्तेमाल करना है यह जानना भी बहुत जरूरी है। 1. केल को हल्का स्टीम करके या थोड़े से ऑयल में लहसुन के साथ हल्का-हल्का सॉटे करके शाकाहारी या मांसाहारी भोजन में आसानी से शामिल कर सकते हैं। 2. केल के पत्तों को अच्छी तरह धोकर कच्चा भी सलाद में काट कर खा सकते हैं। 3. सूप बनाते समय अन्य सब्जियों के साथ भी केल के पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं। 4. फलों के जूस के साथ भी केल के पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है या केवल केल के पत्तों का भी जूस बनाकर पीया जा सकता है। 5. फलों की स्मूदी में भी केल के पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है। केल युक्त स्मूदी सेहत के लिए अत्यंत गुणकारी होने के साथ शरीर के वजन को भी कंट्रोल में रखने में मदद करती है क्योंकि इसमें मौजूद फाइबर आपको बहुत देर तक भूख का एहसास होने नहीं देते। 6. विदेशों में केल के पत्तों के चिप्स व फ्रिटर्स भी बनाए जाते है जो आलुओं के चिप्स की अपेक्षा सेहत के लिए अधिक गुणकारी होते हैं।
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